I संस्करण
II संस्करण
वर्ष 1843-44 शहर के नागरिक द्वारा शासन को पत्र प्रेषित किया गया कि शहर हेतु नगर पालिका का गठन किया जाय, लेकिन तत्कालिन नौर्थ वेस्ट प्रोविसिंज के पास इसके गठन हेतु कोई प्रावधान नहीं था। इसी समय प्रसीडेन्सी एक्ट 1842 जो कि मूल रूप से बंगाल प्रेसीडेन्सी के लिए बनाया गया था, को आधार मान कर 7 जून 1845 को (5 मैम्बरों की कमेटी से जिनमें मेजर जरनल सर डब्लू रिचड्र्स,मेजर ल्यूशियटन,,मेजर,एच.एच.आरवौड ,कैप्टन वाई.पी.पौंग एवं मि. पी.वैरन) ने नैनीताल शहर में म्युनिस्पल बोर्ड की स्थापना की गयी । तत्पश्चात वर्ष 1850 में मिन्युस्पल्टी एक्ट को स्वीकार किया गया और 3 अक्टूबर 1850 को इसे मान्यता प्राप्त हुयी।